डीडीयू जंक्शन के मेन फुट ओवर ब्रिज पर चल रही संयुक्त टीम की चेकिंग के दौरान, तेजी से पुल की ओर बढ़ रहे एक व्यक्ति को टीम ने संदिग्ध मानकर मौके पर ही पकड़ लिया।

चंदौली जनपद के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर जंक्शन (डीडीयू जंक्शन) पर सुरक्षा कर्मियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संयुक्त चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। तलाशी में उसके पास से 35 लाख 33 हजार रुपये से अधिक की भारी नकद राशि मिली। युवक न तो इस रकम का कोई वैध दस्तावेज दिखा सका और न ही संतोषजनक जानकारी दे पाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा टीम ने बरामद रकम और आरोपी को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए आयकर विभाग, वाराणसी के सुपुर्द कर दिया।

रेलवे पुलिस व आरपीएफ का संयुक्त ऑपरेशन

यह बड़ी सफलता आरपीएफ, जीआरपी, सीआईबी और सीपीडीएस की संयुक्त टीम को मिली, जो डीडीयू जंक्शन पर चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान का हिस्सा थी। अभियान के दौरान इन सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर सघन जांच की, जिसके परिणामस्वरूप यह कार्रवाई संभव हो सकी।

यह अभियान आरपीएफ डीडीयू के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत, जीआरपी डीडीयू के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह और सीआईबी के निरीक्षक प्रभारी अर्जुन कुमार यादव के नेतृत्व में संचालित किया गया। संयुक्त टीम में उप निरीक्षक अमरजीत दास, उप निरीक्षक विजय बहादुर राम, आरक्षी दीपक कुमार सिंह, आरक्षी संतोष कुमार त्रिपाठी (रेसु/पो0/डीडीयू) तथा जीआरपी के उप निरीक्षक संदीप कुमार शर्मा भी शामिल रहे।

संदिग्ध हालात में युवक गिरफ्तार, 35 लाख से अधिक कैश बरामद

संयुक्त टीम डीडीयू जंक्शन के मुख्य फुट ओवर ब्रिज पर चेकिंग कर रही थी, तभी तेज कदमों से ऊपर की ओर जाते हुए एक व्यक्ति को संदिग्ध हालत में रोक लिया गया। जांच के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने महसूस किया कि उसके कपड़ों के भीतर कुछ भारी सामान छिपा है, जिससे उसकी गतिविधियाँ और अधिक संदिग्ध लगने लगीं। प्रारंभिक तलाशी में उसके बैग से 35 लाख 33 हजार रुपये की नकद राशि बरामद की गई।

पूछताछ के दौरान पकड़े गए युवक ने अपना नाम रत्नेश कुमार वर्मा (उम्र लगभग 32 वर्ष) बताया। वह रामनगर गंगासियारी, थाना मऊ आइमा, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) का निवासी है। हालांकि, एक अन्य स्रोत में उसका नाम रत्नेश पांडे भी दर्ज किया गया है। युवक ने बताया कि वह यह भारी नकद राशि प्रयागराज से वाराणसी ले जा रहा था।

बरामद नकदी का सटीक आंकड़ा और विवरण

नकद के बारे में पूछताछ करने पर युवक न तो कोई संतोषजनक जवाब दे सका और न ही मौके पर किसी प्रकार का वैध प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर पाया। इसके बाद उसे रेल सुरक्षा बल पोस्ट डीडीयू ले जाया गया और मामले की सूचना तुरंत आयकर विभाग, वाराणसी को दी गई।

सूचना मिलने पर बुधवार को आयकर विभाग, वाराणसी से आयकर निरीक्षक रंजीत कुमार अपनी टीम के साथ डीडीयू पहुंचे। आरोपी की मौजूदगी में नकदी की गिनती कराई गई, जिसमें कुल ₹35,33,760 (पैंतीस लाख तैंतीस हजार सात सौ साठ रुपये) बरामद हुए। बरामद नोटों में 500 रुपये के 7,055 नोट, 200 रुपये के 31 नोट और 20 रुपये के 3 नोट शामिल थे।

नकद बरामदगी पर आयकर विभाग की गहन जांच

सुरक्षा कर्मियों ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बरामद नकदी को आगे की प्रक्रिया हेतु आयकर विभाग, वाराणसी को सौंप दिया। विभाग अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बिना किसी वैध दस्तावेज के इतनी बड़ी राशि का मिलना अत्यंत संदिग्ध है।

आयकर विभाग यह पता लगाने का प्रयास करेगा कि इस रकम का कानूनी स्रोत क्या है और क्या इसका संबंध टैक्स चोरी, तस्करी या किसी अन्य अवैध गतिविधि से जुड़ा हो सकता है। यदि जांच में कोई वैध आधार नहीं मिलता है, तो आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप रावत ने बताया कि डीडीयू जंक्शन पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ऐसी कार्रवाइयों को आगे भी जारी रखा जाएगा।