चंदौली के अपर जिला जज पारितोष श्रेष्ठ की अदालत में गुरुवार को दहेज हत्या से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान पुलिस ने आरोपी राजेश उर्फ ओमी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए, जबकि अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं ने कोर्ट में विस्तृत तर्क रखे।

कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया
समस्त साक्ष्य और तर्कों पर विचार करने के बाद अदालत ने राजेश उर्फ ओमी को दहेज हत्या का दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे दो साल का कारावास और 3,000 रुपये का अर्थदंड लगाया। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को अतिरिक्त 15 दिन की कैद भुगतनी होगी।
विवाह, पारिवारिक स्थिति और तनाव की शुरुआत
प्रतापगढ़ जनपद के आसपुर थाना क्षेत्र के ऐलाही गांव निवासी वंशी की बेटी संजू की शादी वर्ष 2012 में बिसौरी गांव के राजेश उर्फ ओमी यादव से हुई थी। दोनों के पांच बच्चे हुए।आरोप के अनुसार, कम दहेज मिलने के कारण राजेश अक्सर शराब के नशे में संजू के साथ मारपीट करता था, जिससे परिवार में लगातार तनाव बना रहता था।
घटना और पुलिस जांच
12 अगस्त 2023 को संजू के पिता वंशी को सूचना मिली कि उनकी बेटी की तबीयत गंभीर है। जब वे मौके पर पहुंचे तो संजू का शव घर के आंगन में पड़ा था। सिर के पिछले हिस्से पर गहरे चोट के निशान भी पाए गए।इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और घटनास्थल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं गवाहों के बयान के आधार पर आरोप पत्र दाखिल किया।
कोर्ट का अंतिम निर्णय
गुरुवार की सुनवाई में पुलिस के पैरोकार अजय कुमार और अभियोजन अधिवक्ता अवधेश कुमार पांडे ने कोर्ट में अपने पक्ष में तर्क रखे। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने आरोपी राजेश उर्फ ओमी को दोषी घोषित किया और निर्धारित सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि कठोर सजा से ऐसे अपराधों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सकेगा।